बेटियाँ
ओस की एक बून्द सी होती होती है बेटियाँ
तकलीफ हो माँ बाप को तो रोती है बेटियाँ
रोसन करेगा बरत तो एक ही कुल को
दो-दो कुलो की शान बढाती है बेटियाँ
हीरा है अगर बेटे तो मोती है बेटियाँ
औरो के लिए फूल ही बोती है बेटियाँ
विधि का विधान यही दुनिया की रस्म है
अपने प्रियो को छोड़कर पिया के घर जाती हैबेटिया
प्रकृति का नियम है समय का चक्र चलता रहेगा
हर हाल में घर को स्वर्ग बनाती है बेटियाँ
तरुणसागर जी
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