Sunday, September 25, 2016

बेटियाँ 

ओस की एक बून्द सी होती होती है बेटियाँ 
तकलीफ हो माँ बाप को तो रोती है बेटियाँ  
रोसन करेगा बरत तो एक ही कुल को 
दो-दो कुलो की शान बढाती है बेटियाँ
हीरा है अगर बेटे तो मोती है बेटियाँ  
औरो के लिए फूल ही बोती है बेटियाँ  
विधि का विधान यही दुनिया की रस्म है  
अपने प्रियो को छोड़कर पिया के घर जाती हैबेटिया 
प्रकृति का नियम है समय का चक्र चलता रहेगा 
हर हाल में घर को स्वर्ग बनाती है  बेटियाँ  
                       तरुणसागर जी 

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