वक़्त
वक़्त सिखाता है व्यक्ति को चलना
दिखाता है जिन्दगी के कई रंग
हथेली पर सरसराती हवा सा
निकल जाता है हाथ से
मुस्कुराते चेहरे को कर देता है गमगीन
देता है कई दर्द
चहकती जुबां को करता है खामोश
जिंदगी को बना धुँवा उड़ाता है
उदास शामों में रुक सा जाता है
हम साय बन कर
